कोरापुट ओडिशा का इतिहास और वर्तमान
परिचय ओडिशा राज्य का कोरापुट जिला प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र पूर्वी घाट की पहाड़ियों में बसा हुआ है और अपनी हरियाली, झरनों, घाटियों और आदिवासी परंपराओं के कारण “ओडिशा का स्वर्ग” भी कहा जाता है। कोरापुट न सिर्फ पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका इतिहास और वर्तमान विकास भी इसे खास बनाता है। कोरापुट नाम की उत्पत्ति “कोरापुट” नाम की उत्पत्ति को लेकर कई मान्यताएँ हैं। कुछ इतिहासकारों के अनुसार यह नाम “कोरा-पुट” शब्द से बना है, जहाँ कोरा का अर्थ है पहाड़ी और पुट का अर्थ है निवास स्थान। यानी पहाड़ियों में बसा हुआ क्षेत्र। वहीं कुछ लोग इसे स्थानीय जनजातीय भाषा से जोड़ते हैं। कोरापुट का प्राचीन इतिहास कोरापुट का इतिहास बहुत प्राचीन है। माना जाता है कि यह क्षेत्र मौर्य और गुप्त काल से भी पहले आबाद था। यहाँ की पहाड़ियों और जंगलों में रहने वाली जनजातियाँ सदियों से अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। राजवंशों का प्रभाव प्राचीन काल में कोरापुट क्षेत्र कलिंग साम्राज्य का हिस्सा था। बाद में इस पर गंगा वंश, सूर्यवंशी गजपति शासकों और स्थानी...