नालंदा प्राचीन विश्वविद्यालय: विश्व का पहला आवासीय शिक्षा केंद्र
नालंदा प्राचीन विश्वविद्यालय: विश्व की प्रथम आवासीय शिक्षा नगरी का गौरवशाली इतिहास नालंदा का प्रसिद्ध मुख्य मंदिर परिसर भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का सबसे चमकदार अध्याय है नालंदा प्राचीन विश्वविद्यालय। आज के बिहार राज्य में स्थित यह ऐतिहासिक शिक्षा केंद्र विश्व का पहला आवासीय (Residential) विश्वविद्यालय माना जाता है। यहाँ केवल भारत ही नहीं, बल्कि चीन, कोरिया, जापान, तिब्बत और श्रीलंका से भी विद्यार्थी अध्ययन करने आते थे। शिक्षा, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण के कारण नालंदा उस समय विश्व ज्ञान का प्रमुख केंद्र बन चुका था। नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना और इतिहास नालंदा महाविहार की स्थापना 5वीं शताब्दी में गुप्त वंश के शासक कुमारगुप्त प्रथम के समय मानी जाती है। गुप्त काल को भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है, और इसी काल में नालंदा ने ज्ञान का दीप प्रज्वलित किया। बाद में हर्षवर्धन और पाल वंश के शासकों ने भी इसे संरक्षण और आर्थिक सहायता प्रदान की। 7वीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग यहाँ अध्ययन करने आए और कई वर्षों तक रहे। उन्होंने अपनी यात्रा-वृत्तांत में नालंदा की भव्यता, अनुशासन औ...